प्रिय मित्रों, मैं हर्षित वर्मा, भारतीय विदेश व्यापार संस्थान में एम. बी. ए अंतिम वर्ष का छात्र हूँ| मैं कविता लेखन में रूचि रखता हूँ इसलिए मैंने हाल ही में कविता लिखना शुरू किया है|
हमारे अंतर्मन में सदा ही विचार पनपते रहते हैं| इन विचारों को दुनिया से अवगत करने का यह एक अच्छा माध्यम है| मैं प्रतिदिन अपनी मनोदशा का वर्णन करते हुए एक लेख लिखूंगा जो की मुख्यता कविता होगी| जैसा की हम सब जानते हैं की रोज़ की दौड़-भाग से हम अपने लिए बहुत ही कम समय निकाल पाते हैं और मैं भी समय की कमी के कारण अभी छोटी कवितायें या लेख लिख रहा हूँ| शीघ्र ही मैं लम्बी कवितायेँ लिखना शुरू करूँगा
| आशा करता हूँ मेरी रचनायें आपको पसंद आएंगी|


abbe hum toh fan ho gaye…. pasand aana toh choti baat hai …. sitti nahi baja sakte blog par.. nahi toh baja dete
arey kushal bhai! bus aapki dua hai!!
aap humein likhne ko inspire karte rho aur hum likhte rahenge
ab sitti na maro!! aap to pehli kavita ke saath hi vicharon ki udaan per bhejna chahte ho!