मुझको यकीं है सच कहती थी जो भी अम्मी कहती थी,
जब मेरे बचपन के दिन थे चाँद पे परियां रहती थीं …
लेकिन वो परियां कहाँ गईं, हर चाँद सितारा टूट गया …
जीवन की इस दौड़ में बचपन पीछे कहीं छूट गया
नवम्बर 24, 2009 shakechiller द्वारा
मुझको यकीं है सच कहती थी जो भी अम्मी कहती थी,
जब मेरे बचपन के दिन थे चाँद पे परियां रहती थीं …
लेकिन वो परियां कहाँ गईं, हर चाँद सितारा टूट गया …
जीवन की इस दौड़ में बचपन पीछे कहीं छूट गया
massst dude!!!
nice one..!! I think the same..!!
thanks bhai log!