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Archive for नवम्बर, 2009

चाँद की परियां

मुझको यकीं है सच कहती थी जो भी अम्मी कहती थी, जब मेरे बचपन के दिन थे चाँद पे परियां रहती थीं … लेकिन वो परियां कहाँ गईं, हर चाँद सितारा टूट गया … जीवन की इस दौड़ में बचपन पीछे कहीं छूट गया

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