पथ से भटका, भविष्य अधर में लटका..
गलत राह पर चलने से लगा था मुझे ये झटका!..
परन्तु सत्य का ज्ञान हुआ, लक्ष्य का ध्यान हुआ..
जीवन की प्राथमिकता का सम्मान करना चाहता हूँ..
एकाग्रचित्त हो कर बस काम करना चाहता हूँ..
अगस्त 7, 2009 shakechiller द्वारा
पथ से भटका, भविष्य अधर में लटका..
गलत राह पर चलने से लगा था मुझे ये झटका!..
परन्तु सत्य का ज्ञान हुआ, लक्ष्य का ध्यान हुआ..
जीवन की प्राथमिकता का सम्मान करना चाहता हूँ..
एकाग्रचित्त हो कर बस काम करना चाहता हूँ..
waah…
ek kavi ka janam hua hai.
sadiyon main ek baar aisa gyaani janam leta hai…
harshit aaj se “20vi shatabdi ka Kabir” ke naam se jaana jayega…